लक्ज़म्बर्ग की अदालत ने यह क़दम, 7 साल पहले न्यूयॉर्क की एक अदालत के उस दावे को ख़ारिज कर दिया जिसमें उसने 11 सितंबर की घटना में ईरान की संलिप्तता के सुबूत होने की बात कही थी।
लक्ज़म्बर्ग की अदालत ने बुधवार को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क़ानून में 2012 के अमरीकी फ़ैसले के समर्थन का कोई आधार नहीं है कि जिसकी बुनियाद पर लक्ज़म्बर्ग स्थित क्लीरिंग हाउस ‘क्लियरस्ट्रीम’ के नियंत्रण में मौजूद संपत्ति पर दावा किया जा सके।
लक्ज़म्बर्ग की अदालत ने एक बयान में कहाः "अमरीकी अदालत ने अधिकार को ख़त्म करने के लिए जिस नियम को आधार बनाया वह लोक अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के अनुसार नहीं है और वह लक्ज़म्बर्ग के केस में लागू नहीं हो सकता।"
ग़ौरतलब है कि 2012 में न्यूयॉर्क की अदालत ने दावा किया था कि उसके पास इस बात के सुबूत हैं कि ईरान ने 11 सितंबर का हमला करने वाले अलक़ाएदा के तत्वों की पैसों व संसाधन से मदद की थी।
इस अदालत ने मुद्दई पक्ष को 7 अरब डॉलर के हर्जाना देने की बात कही थी।
ईरान ने 9/11 के हमले में अलक़ाएदा से किसी भी तरह के संपर्क को ख़ारिज किया है।
लक्ज़म्बर्ग की अदालत को अभी यह फ़ैसला सुनाना बाक़ी है कि इस योरोपीय देश में ईरान की 1.6 अरब डॉलर की ज़ब्त संपत्ति को ईरान को लौटाया जा सकता है